ठाणे में पुलिस का ‘ऑपरेशन दहशत खत्म’! गैंगवार के बाद सड़क पर निकली गुंडों की परेड, कान पकड़कर कराई उठक-बैठक
स्कार्पियो-स्कूटी विवाद से शुरू हुआ खूनी खेल, रात में चली गोलियां; निर्दोष MR को लगी गोली, DCP अतुल झेंडे के एक्शन से मचा हड़कंप
ठाणे जिले के कल्याण (पूर्व) में अपराधियों के हौसले उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गए, जब एक मामूली सड़क विवाद ने गैंगवार और फायरिंग का रूप ले लिया। लेकिन अपराधियों की यह दबंगई ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और फिर ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पूरे इलाके में कानून का खौफ फिर से कायम कर दिया। सड़क पर कान पकड़कर उठक-बैठक करते और सिर झुकाए खड़े बदमाशों की तस्वीरें अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों बाद उन्होंने अपराधियों के खिलाफ इतनी सख्त और सार्वजनिक कार्रवाई देखी है। पुलिस के इस एक्शन को अपराध जगत के लिए खुली चेतावनी माना जा रहा है कि अब कानून को चुनौती देने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कट से शुरू हुआ विवाद, गोलियों तक पहुंच गई बात
जानकारी के अनुसार 10 जून 2026 को क्षेत्र के कुख्यात अपराधी गुंडा उर्फ प्रेम सिंह की स्कार्पियो और सुदर्शन संजीव निकाले उर्फ बूंदी की स्कूटी के बीच कट लगने को लेकर विवाद हो गया था। पहले मामूली कहासुनी हुई, फिर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता चला गया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह विवाद रात होते-होते गैंगों की प्रतिष्ठा और दबदबे की लड़ाई में बदल गया। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे को सबक सिखाने की तैयारी शुरू कर दी।
रात 11 बजे बंजारा कॉलोनी में गूंजी गोलियों की आवाज
घटना की सबसे खतरनाक कड़ी उस समय सामने आई जब रात करीब 11 बजे खडेगोलवली स्थित बंजारा कॉलोनी में गुंडा सिंह गैंग के सदस्य ज्ञानू उर्फ ज्ञानेश्वर राठौड़ ने कथित तौर पर विरोधी गुट की ओर दो राउंड फायरिंग कर दी।
गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
लेकिन इस गैंगवार का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि गोली किसी गैंग सदस्य को नहीं बल्कि वहां मौजूद एक निर्दोष युवक को जा लगी।
निर्दोष MR राहुल वर्मा बना गैंगवार का शिकार
फायरिंग के दौरान एक गोली राहुल वर्मा नामक युवक को लगी, जो पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) हैं। गोली उनके शरीर के पिछले हिस्से में लगी।
घायल राहुल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गैंगवार और आपराधिक गतिविधियों का सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को ही क्यों भुगतना पड़ता है।
‘अभी’ बनाम ‘दही’ गैंग की दुश्मनी फिर आई सामने
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि क्षेत्र में लंबे समय से “अभी” और “दही” नामक दो आपराधिक गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि दोनों गुटों के बीच पहले भी कई बार तनाव और टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फायरिंग की यह घटना भी उसी संघर्ष की एक नई कड़ी मानी जा रही है।
हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का परिणाम।
इन आरोपियों पर पुलिस का शिकंजा
मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में
सनी किरण कटारे
ओमकार जगदाले उर्फ पन्नी
तन्वीर इलियास अंसारी
ऋतिक महिराले
संजय शर्मा
कार्तिक पवार
पवन चव्हाण
शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार दो नाबालिग भी इस प्रकरण में शामिल पाए गए हैं। इनमें से एक नाबालिग वर्तमान में अस्पताल में उपचाराधीन है।
हार्डकोर क्रिमिनल बताया जा रहा है गुंडा उर्फ प्रेम सिंह
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी गुंडा उर्फ प्रेम सिंह का नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है।
सूत्रों के अनुसार उसके खिलाफ चार अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और वह क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों की सूची में शामिल माना जाता है।
यही वजह है कि इस घटना के बाद पुलिस ने उसे विशेष निगरानी में लिया है।
BNS, आर्म्स एक्ट और मुंबई पुलिस एक्ट की गंभीर धाराओं में केस
कोलसेवाड़ी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS)-2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा आर्म्स एक्ट और मुंबई पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस का मानना है कि मामले में फायरिंग, जानलेवा हमला, आपराधिक धमकी, गैरकानूनी गतिविधियां और अवैध हथियारों के उपयोग जैसे गंभीर अपराधों की जांच की जा रही है।
DCP अतुल झेंडे का सख्त संदेश: “इलाके में गुंडाराज नहीं चलेगा”
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर स्वयं DCP अतुल झेंडे पहुंचे। उनके साथ ACP अशोक होनमाने, Sr PI हेमंत गुरव, PI गणेश न्हायदे, PI साबाजी नाईक तथा PSI एस.एस. नरवड़े सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की सार्वजनिक परेड कराई गई। उन्हें कान पकड़कर उठक-बैठक करवाई गई और पूरे इलाके में यह संदेश दिया गया कि कानून से बड़ा कोई नहीं है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली और अपराधियों के खिलाफ लगातार ऐसी कार्रवाई की मांग की।